मेरे साथी:-

Wednesday, September 26, 2012

♥♥♥♥*चाहो मुझे इतना*♥♥♥♥


चाहो मुझे इतना कि पागल ही हो जाए हम,
हम टूट कर भी याद सिर्फ तुझे करे सनम |

रतजगों में भी मेरे अब बस तेरा ही नाम हो,
खुशियों में मेरे बस अब तेरा ही एहसान हो |

तेरे मेरे दरमियान न हो किसी दूरी का एहसास,
जब तक जियूं रहे तू मेरे दिल के आस-पास |

एक-दूजे के भूल को भी खुले दिल से माफ करें,
आओ, कि चाहत से अपने अब इंसाफ करें |

खुने-जिगर से लिख दूँ तेरी धडकनों में अपना नाम,
मोहब्बतों से भरा अपना ये रिश्ता है अनाम |

स्याही की जगह कलम में अपने लहू मैं भर दूँ,
ख्वाबों को भी अपने आज आ, तेरे नाम मैं कर दूँ |

चाहो मुझे इतना कि मैं खुद को ही भूल जाऊँ,
चाहो मुझे इतना कि तुझ बिन एक पल न रह पाऊँ |

चाहो मुझे इतना कि उसकी तपिश में जला दो,
चाहो मुझे इतना कि मेरी हर दुनिया भुला दो |

चाहो मुझे इतना कि ये पल यहीं पे रुक जाए,
चाहो मुझे इतना कि ये आसमान भी झुक जाए |

चाहो मुझे इतना कि हर तरफ तुम ही नजर आओ,
चाहो मुझे इतना कि तुम आज मुझमे समा जाओ |

चाहो मुझे इतना कि भूलूँ जो भी कोई दुःख हो,
कि गेसूओं तले तेरी कोई जन्नत -सा सुख हो |

चाहो मुझे चाहो तुम बस, मैं भी तुम्हें चाहूँ,
चाहत में तेरी मैं अब बस सब कुछ ही भुलाऊँ |

-♥♥"दीप"♥♥

23 comments:

  1. वाह,,,,खुबशुरत प्रस्तुति,,,

    चाहो मुझे इतना कि उसकी तपिश में जला दो,
    चाहो मुझे इतना कि मेरी हर दुनिया भुला दो |

    RECENT POST : गीत,


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    1. आभार | आपका ब्लॉग हो आया | यूंही स्नेह बनाए रखें |

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  2. समर्पण का अतिरेक लिए सुंदर रचना......

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    1. ब्लॉग मे आने के लिए धन्यवाद |

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  3. .

    वाह !
    सुंदर प्रेम कविता है …

    भावनाओं की अभिव्यक्ति सहज शब्दों में हुई है …

    चलती रहे लेखनी …
    निखरती रहे कविता …

    मंगलकामनाओं सहित…

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  4. प्रेम के उपर जितना लिखा जाए उतना ही कम.....आपने अपने मनोभावों को बड़ी सहजता और सरलता से प्रकट किया है |
    एक लाजवाब रचना |

    मेरे ब्लॉग पार आने के लिए बहुत-बहुत आभार |

    सादर |

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    Replies
    1. धन्यवाद | इसी तरह ब्लॉग में पधारते रहे |

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  5. HAR TARAF TUM HI TUM NAJAR AAO:)
    BAHUT BEHTAREEN...

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  6. सुन्दर पोस्ट के लिए बधाई । मेरे नए पोस्ट "श्रद्धांजलि : सदाबहार देव आनंद" को भी एक बार अवश्य पढ़े। धन्यवाद
    मेरा ब्लॉग पता है:- Harshprachar.blogspot.com

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  7. This comment has been removed by the author.

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  8. बहुत बढ़िया नज़्म है भाई. बधाई!

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  9. Replies
    1. धन्यवाद प्रीति जी पहली बार ब्लॉग में आने क एलिए | यूंही आते रहिए |

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  10. भावुकता से भरी रचना।

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