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Saturday, September 17, 2011

जेबकतरी सरकार


बढ़ती कीमत देख के मच गया हाहाकार,
जनता की जेबें काटे ये जेबकतरी सरकार |

मोटरसाईकिल को सँभालना हो गया अब दुश्वार
कीमतें पेट्रोल की चली आसमान के पार |

बीस कमाके खरच पचासा होने के आसार,
महँगाई करती जाती है यहाँ वार पे वार |

त्राहिमाम कर जनता रोती दिल में जले अंगार,
सपने देखे बंद होने के महँगाई के द्वार |

महंगाई के रोध में सब मांगेंगे अधिकार,
दो-चार दिन चीख के मानेंगे फिर हार |

तेल पिलाये पानी अब कुछ कहना निराधार,
मन मसोस के रह जाना ही शायद जीवन सार |

लुटे हुए से लोग और धुँधला दिखता ये संसार,
त्योहारों के मौसम में अब मिले हैं ये उपहार |

देख न पाती दु:ख जनता के उल्टे देती मार,
जेबकतरी सरकार है ये तो जेबकतरी सरकार |

18 comments:

  1. aam aadmi ka dil har baar chatpataya hai...peeda ka bhav har baar honthon pe aaya hai..per jalim sarkar ne kuch na samjha..dil ke jakhmon ko aaur gehraya hai..aam aadmi ke dard ko bayan karti shandaar kriti

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  2. बहुत भावपूर्ण एवं मार्मिक प्रस्तुति ! बहुत सुन्दर .

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  3. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  4. आम आदमी के मन की व्यथा की बहुत सटीक अभिव्यक्ति..

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  5. आशुतोष जी, बहुत बहुत धन्यवाद आपका |आशुतोष जी, बहुत बहुत धन्यवाद आपका |

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  6. नितिन जी आपका आभार |नितिन जी आपका आभार |

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  7. शास्त्री जी आपका थन्यवाद | जरूर आऊँगा चर्चा मंच में |शास्त्री जी आपका थन्यवाद | जरूर आऊँगा चर्चा मंच में |

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  8. कैलाश जी, आपका स्वागत है पहली बार मेरे ब्लॉग में | इसी तरह स्नेह बनाये रखे और ब्लॉग में आते रहें |कैलाश जी, आपका स्वागत है पहली बार मेरे ब्लॉग में | इसी तरह स्नेह बनाये रखे और ब्लॉग में आते रहें |

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  9. का करें अब तो साइकिल भी नहीं चला सकते..!आप बढ़िया कविता लिखते रहिए मगर साइकिल चलाना मत छोड़िएगा।

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  10. आमजन की आवाज....
    सार्थक अभिव्यक्ति....
    सादर बधाई...

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  11. देवेन्द्र जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद |

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  12. संजय जी आपका आभार | इसी तरह ब्लॉग में आते रहे |

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  13. बहुत सटीक और सार्थक अभिव्यक्ति. बधाई सुंदर प्रस्तुति के लिए.

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  14. रचना जी आपका आभार | आप शायद पहली बार मेरे ब्लॉग में आई | आशा है इसी तरह निरंतर आती रहेंगी |

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  15. आपके ब्लॉग को यहां जोड़ा है
    1 ब्लॉग सबका
    कृपया फालोवर बनकर उत्साह वर्धन कीजिये

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  16. काफी सुन्दर शब्दों का प्रयोग किया है आपने अपनी कविताओ में सुन्दर अति सुन्दर

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  17. बहुत बहुत धन्यवाद् संजय जी |

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  18. बहुत खूब भाई.......इस सरकार को अच्छा लपेटा है......आगे भी ये लपेटात्मक कार्रवाई जारी रखें......हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.........

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