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Monday, May 21, 2012

थोडा प्यार होना चाहिए



चंद लम्हों  की जिंदगी है खुशगवार होनी चाहिए,
खुशगवार मौसम के लिए थोडा प्यार होना चाहिए |

प्यार ही है नेमत और ये प्यार ही है पूजा,
पर प्यार है तो थोड़ी-सी तकरार होनी चाहिए |

तकरार से बढती है खूबसूरती इस प्यार की,
तकरार के साथ-साथ इजहार होना चाहिए |

इजहार न होके अगर हो जाये इनकार,
इनकार में भी रजामंदी बरक़रार होना चाहिए |

मुश्किलें हो, कांटे हो या हो लोहे की दीवार,
जो भी हो पर थोडा प्यार होना चाहिए |

नैनों के बाण जरा सोच के चला ज़ालिम,
आँखों के तीर दिल के पार होने चाहिए |

छलनी कर डालो भले इस दिल को लेकिन,
घायल मजनू को लैला का दीदार होना चाहिए |

जिंदगी हो भरा मौसम-ए-बहार से ऐ "दीप",
जिंदगी भर खिला दिल-ए-गुलजार होना चाहिए |

जख्म हो, दर्द हो या हो दिल पे कोई वार,
जो भी हो पर थोडा प्यार होना चाहिए |

8 comments:

  1. बहुत बढ़िया लिखा है आपने मगर शायद पहली पंक्ति में चाँद की जगह चंद होना चाहिए था ऐसा मुझे लगता है एक बार देखलें....आभार

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  2. प्यार को परिभाषित करती आपकी ये रचना बहुत अच्छी लगी...बधाई.
    नीरज

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  3. प्यार की खुबसूरत अभिवयक्ति.....

    ReplyDelete

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