भारत भूमि के एक अभिन्न अंग के बारे में बतलाता हूँ |
ये बिरसा भगवान् की भूमि, सिद्धू-कान्हू की धरती यह,
प्रकृति की छटा है अनुपम, खनिज-सम्पदा की धरती यह |
गोद में बैठी प्रकृति की, राजधानी रांची है यहाँ की,
जल-प्रपातों का यह शहर, जलवायु खुशनुमा जहाँ की |
शिव-शंकर के ज्योतिर्लिंग से पावन धाम सुहाता है |
इस्पातों के एक शहंशाह जमशेद जी ने जो बसाया है,
ये जमशेदपुर, टाटा नगर जो विश्व पटल पर छाया है |
इस्पातों की एक और है नगरी, बोकारो इस्पात नगर यह,
फले-फुले कई उद्योग-धंधे, भले मानुषों का शहर यह |
देश की कोयला राजधानी चलो, नाम ही जिसका धनबाद है,
आई.एस.एम. के लिए प्रतिष्ठित, कोयला खानों से आबाद है |
माँ छिन्नमस्तिके मंदिर, रजरप्पा |
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देवडी मंदिर |
रजरप्पा में छिन्नमस्तिके, देवडी में माँ का मंदिर साजे,
मधुबन में है जैन तीर्थालय, हरिहर धाम में शिव विराजे |
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मधुबन |
दामोदर और स्वर्णरेखा नदी, झारखण्ड की पहचान है,
कई बांध और कई परियोजना, बढ़ाते हमारी शान है |
कर्क रेखा हृदय से गुजरता, कई उच्च पथ से जुड़ा यह,
ग्रैंड ट्रंक है जान यहाँ की, देश के हर कोने से जुड़ा यह |
वन्यजीव अभ्यारण्य विशाल है, वन धरती हजारीबाग में,
पहाड़ियां और कई झीलें हैं, बस जाये जो दिल के बाग़ में |
झुमरी तिलैया डैम है मोहक, तेनु, कोनार, मैथन बाँध भी,
खंडोली और चांडिल डैम भी, कांके और पंचेत बाँध भी |
उर्वरक फैक्ट्री सिंदरी बंद, गोमिया में बारूद कारखाना,
हटिया में भारी मशीन तंत्र और कांके में है पागलखाना |
पतरातू व् चन्द्रपुरा सहित यहाँ कई विद्युत् के निकाय हैं,
यहाँ की बिजली, कई जगह रोशन पर खुद ही असहाय है |
राजभाषा है हिंदी पर खोरठा, हो, मुंडा, संथाली भी,
बंगला, ओडिया, उर्दू भी कई रंग की यहाँ बोली भी |
टुसू, कर्मा, सरहुल, सोहराय और गोबर्धन पूजे जाते हैं,
माँ मनसा व भोक्ता पूजा, हर देव-देवी यहाँ पूजे जाते हैं |
वन्य भूमि ये, देव भूमि ये, "दीप" मैं सबको समझाता हूँ,
हटिया में भारी मशीन तंत्र और कांके में है पागलखाना |
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तेनुघाट डैम |
यहाँ की बिजली, कई जगह रोशन पर खुद ही असहाय है |
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बोकारो थर्मल पॉवर स्टेशन |
बंगला, ओडिया, उर्दू भी कई रंग की यहाँ बोली भी |
टुसू पर्व का दृश्य |
माँ मनसा व भोक्ता पूजा, हर देव-देवी यहाँ पूजे जाते हैं |
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माँ मनसा |
तू चल मेरे साथ, मैं तुझे झारखण्ड की सैर कराता हूँ |
सभी चित्र गूगल से साभार